Blogs
Home Blogs
शंकराचार्य द्वारा निर्वाण शतकम एक अद्भुत रचना है। निर्वाण शतकम आध्यात्मिक रूप से मनुष्य के रूप में द्वैतवादी प्रकृति को प्रकट करता है। निर्वाण शतकम से पता चलता है कि हमारा 99% स्वयं गैर-रूप है, जिसे द...

।।दोहा।। श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी ...

महादेव एक ऐसे भगवान है जो अति शीघ्र प्रसन्न हो जाते है। पुराणों में शिव मानस पूजा नाम की एक स्तुति आती है, जिसका अर्थ शिवजी की मन से की गयी पूजा। इस स्तुति को आप घरसे ही पूजा करके शिवालय में की ...

॥ श्रीदुर्गासप्तशती - एकादशोऽध्यायः ॥देवताओं द्वारा देवी की सतुति तथा देवी द्वारा देवताओं को वरदान॥ ध्यानम् ॥ॐ बालरविद्युतिमिन्दुकिरीटां तुङ्गकुचां नयनत्रययुक्ताम्।स्मेरमुखीं वरदाङ्कुशपाशाभीतिकरां प्र...

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमनहरण भवभय दारुणं ।नव कंज लोचन कंज मुखकर कंज पद कंजारुणं ॥१॥कन्दर्प अगणित अमित छविनव नील नीरद सुन्दरं ।पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचिनोमि जनक सुतावरं ॥२॥भजु दीनबन्धु ...

दोहा :निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥चौपाई :जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥जैसे कूदि स...

॥ हनुमानाष्टक ॥बाल समय रवि भक्षी लियो तब,तीनहुं लोक भयो अंधियारों।ताहि सों त्रास भयो जग को,यह संकट काहु सों जात न टारो।देवन आनि करी बिनती तब,छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो।को नहीं जानत है जग में कपि,संकटम...

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय,नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वर...

श्रावण मास में भगवान शिव को बिल्व पत्र से पूजा करते ये पाठ करना चाहिए।।। बिल्वाष्टकम् ।।त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम् ।त्रिजन्मपाप-संहारमेकबिल्वं शिवार्पणम्।।1।।त्रिशाखैर्बि...

दोहा : श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चौपाई : जय हनुमान ज्...

दारिद्रय दहन स्तोत्र, होगी स्थिर लक्ष्मी की प्राप्तिश्रावण मास में भगवान शिव का 'दारिद्रय दहन स्तोत्र' के साथ अभिषेक करने से मनुष्य को स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।'ॐ नमः शिवायः' विश्वेश्वराय नरक...

* त्वरित फलदायी शिव रूद्राष्टकम् पाठकोई भी साधक यदि भगवान शिव का ध्यान करते हुए इस स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें, तो वह शिवजी का कृपापात्र हो ...

जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थलेगलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयंचकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥ जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी ।विलोलवी चिवल्लरी विराजमानम...

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।त्रिगुण रूप...

महिम्न: पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्व...

Dattatreya was a mythological deity or sage. He was said to be an avadhoot, or complete renunciate, wandering naked in the world. He is usually represented with 3 heads as he is also said ...

Karma is the law of cause and effect – an unbreakable law of the cosmos. Your actions create your future. The reason your fate is never sealed is because you have free will. Therefore your future cann...

The Unconscious StateThe top curve denotes the state of deep sleep. This is where the sleeper is subconsciously shutdown, desiring nothing and having no dreams.The Waking StateRepresented by the large...

The Vedas are considered the earliest literary record of Indo-Aryan civilization and the most sacred books of India. They are the original scriptures of Hindu teachings, containing spiritual knowledge...

Silence has a certain energy to it like no other energy source. It has the power to get people to think and to act, it can help slow the mind down, and it is a powerful ally in the likes of counseling...