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॥ दोहा ॥जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल करण कृपाल।दीनन के दुःख दूर करि,कीजै नाथ निहाल॥जय जय श्री शनिदेव प्रभु,सुनहु विनय महाराज।करहु कृपा हे रवि तनय,राखहु जन की लाज॥॥ चौपाई ॥जयति जयति शनिदेव दयाल...

पंचदशी मंत्र – श्री विद्या परंपरा के सबसे पूजनीय और शक्तिशाली मंत्रों में से एक है और यह देवी त्रिपुर सुंदरी ( जिन्हें ललिता देवी भी कहा जाता है ) को समर्पित है। वह सौंदर्य, ज्ञान और दिव्य आनंद की सर्...

॥ दोहा ॥ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा,जीवन ज्योति प्रचण्ड।शान्ति कान्ति जागृत प्रगति,रचना शक्ति अखण्ड॥जगत जननी मङ्गल करनि,गायत्री सुखधाम।प्रणवों सावित्री स्वधा,स्वाहा पूरन काम॥॥ चौपाई ॥भूर्भुवः स्वः ॐ ...

॥ क्षमा-प्रार्थना ॥अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥1॥आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि॥2॥मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिह...

॥ अथार्गलास्तोत्रम् ॥ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुर्ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः,श्रीमहालक्ष्मीर्देवता, श्रीजगदम्बाप्रीतयेसप्तशतीपाठाङ्गत्वेन जपे विनियोगः॥ॐ नमश्चण्डिकायै॥मार्कण्डेय उवा...

॥ अथ कीलकम् ॥ॐ अस्य श्रीकीलकमन्त्रस्य शिव ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः,श्रीमहासरस्वती देवता,श्रीजगदम्बाप्रीत्यर्थं सप्तशतीपाठाङ्गत्वेन जपे विनियोगः।ॐ नमश्चण्डिकायै॥मार्कण्डेय उवाचॐ विशुद्धज्ञानदेहाय त्रिवेदीद...

॥ न्यासः ॥अस्य श्रीललितासहस्रनामस्तोत्रमालामन्त्रस्य ।वशिन्यादिवाग्देवता ऋषयः ।अनुष्टुप्छन्दः ।श्रीललितापरमेश्वरी देवता ।श्रीमद्वाग्भवकूटेति बीजम् ।मध्यकूटेति शक्तिः ।शक्तिकूटेति कीलकम् ।श्रीललितामहात...

श्री देवी प्रार्थनाह्रींकारासनगर्भितानलशिखां सौः क्लीं कलां बिभ्रतीं सौवर्णांबरधारिणीं वरसुधाधौतां त्रिनेत्रोज्ज्वलाम् । वंदे पुस्तकपाशमंकुशधरां स्रग्भूषितामुज्ज्वलां...

रोशनी का त्योहार, दिवाली 2025, भक्ति, परंपराओं और पारिवारिक समारोहों से भरपूर एक सप्ताह तक चलने वाला उत्सव होगा।द्रिक पंचांग के अनुसार, 2025 में दिवाली उत्सव शुक्रवार, 17 अक्टूबर...

श्री गणेशाय नमः।ॐ अस्य श्रीपञ्चमुखहनुमत्कवचमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषि:। गायत्री छंद:। पञ्चमुख-विराट् हनुमान् देवता। ह्रीं बीजम्। श्रीं शक्ति:। क्रौं कीलकं। क्रूं कवचं। क्रैं अस्त्राय फट्। इति दिग्बन्ध:।अर्...

श्री गणेशाय नमः॥अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमंत्रस्य बुधकौशिक ऋषि:।श्रीसीतारामचंद्रो देवता।अनुष्टुप् छन्द:। सीता शक्ति:।श्रीमद्हनुमान् कीलकम्।श्रीरामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षा स्तोत्र जपे विनियोग:॥अर्थ...

Dadhichi was the Rishi from whose bones the weapons of the Devas including Vajrayudha were created.His father was Bhrigu Maharshi.According to the Skanda Purana, Suvarcha was Dadhichi’s wife.He is als...

शिव पूजा में विशेष लाभ हेतु आगे वेद मंत्रों द्वारा भगवान शिव की पूजा विधि दी गयी है जिसे वैदिक शिव पूजन विधि कहा जाता है :महाशिवरात्रि व्रत संकल्प“ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः अद्यैतस्य मासोत्त...

Hinduism has always upheld the principle of karma; the cosmic law of divine justice, and nothing represents this better than the Panch Kedar Temples. These sacred shrines symbolize the Pandavas’ quest...

गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र -हिंदू धर्म में कई मंत्रों और स्तोत्रों के बारे में बताया गया है, जिसका पाठ करने से मनुष्य को सुख शांति की प्राप्ति होती है। ऐसा ही एक स्तोत्र है गजेंद्र स्तोत्र। हिंदू धर्म के स...

शनि देव को हिन्दू धर्म में न्याय का देवता माना जाता है। माना जाता है कि इनके प्रकोप से बड़े से बड़ा धनवान भी दरिद्र बन जाता है। शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है। इस दिन हनुमान जी को तेल चढ़ाने...

दुर्गा सप्तशती एक लोकप्रिय हिन्दु धार्मिक ग्रन्थ है, जिसमें महिषासुर नामक दैत्य पर माता दुर्गा की विजय का वर्णन प्राप्त होता है। श्री दुर्गा सप्तशती को देवी माहात्म्यम् एवं चण्डी पाठ के नाम से भी जाना...

જય યોગીશ્વર દત્ત દયાળ ! તું જ એક જગમાં પ્રતિપાળ;અત્ર્યનસૂયા કરી નિમિત્ત, પ્રગટ્યો જગકારણ નિશ્ચિત.બ્રહ્મા હરિહરનો અવતાર, શરણાગતનો તારણહાર;અંતર્યામી સત્ ચિત્ સુખ, બહાર સદગુરુ દ્વિભૂજ સુમુખ.ઝોળી અન્નપૂર્...

॥ अथ तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम् ॥ॐ विश्वेश्वरीं जगद्धात्रीं स्थितिसंहारकारिणीम्।निद्रां भगवतीं विष्णोरतुलां तेजसः प्रभुः॥1॥ब्रह्मोवाचत्वं स्वाहा त्वं स्वधा त्वं हि वषट्कारः स्वरात्मिका।सुधा त्वमक्षरे न...

जगज्जालपालं कचतकण्ठमालं, शरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालम्।नभोनीलकायं दुरावारमायं, सुपद्मासहायं भजेहं भजेहम्॥1॥अर्थ: जो समस्त जगत के रक्षक हैं, जो गले में चमकता हार पहने हुए है, जिनका मस्तक शरद ऋतु में चमक...

॥ अथ वेदोक्तं रात्रिसूक्तम् ॥ॐ रात्रीत्याद्यष्टर्चस्य सूक्तस्यकुशिकः सौभरो रात्रिर्वाभारद्वाजो ऋषिः, रात्रिर्देवता,गायत्री छन्दः, देवीमाहात्म्यपाठे विनियोगः।ॐ रात्री व्यख्यदायती पुरुत्रा देव्यक्षभिः।व...

Aghoris are a sect of Siva worshippers.They are mostly found in the states of U.P., and Bihar.Aghora is one among the five faces of Siva.It literally means non-terrible.Aghoris worship Aghora Siva or ...