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शंकराचार्य द्वारा निर्वाण शतकम एक अद्भुत रचना है। निर्वाण शतकम आध्यात्मिक रूप से मनुष्य के रूप में द्वैतवादी प्रकृति को प्रकट करता है। निर्वाण शतकम से पता चलता है कि हमारा 99% स्वयं गैर-रूप है, जिसे द...

We have already published two parts of this 51 shaktipeeth series, you can check those from also. Here are the links of part1 and part2. This is the final...

जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थलेगलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयंचकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥ जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी ।विलोलवी चिवल्लरी विराजमानम...

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमनहरण भवभय दारुणं ।नव कंज लोचन कंज मुखकर कंज पद कंजारुणं ॥१॥कन्दर्प अगणित अमित छविनव नील नीरद सुन्दरं ।पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचिनोमि जनक सुतावरं ॥२॥भजु दीनबन्धु ...

।।दोहा।। श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी ...

विनियोग: - ऊँ अस्य श्रीशिवरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य याज्ञवल्क्य ऋषि:, श्रीसदाशिवो देवता, अनुष्टुप् छन्द:, श्रीसदाशिवप्रीत्यर्थं शिवरक्षास्तोत्रजपे विनियोग:।चरितं देवदेवस्य महादेवस्य पावनम् ।अप...

शारदीय नवरात्रि घट स्थापना ,कलश स्थापना मुहूर्त एवं विधिप्रतिवर्ष की भांति इसवर्ष भी हिंदुओ के प्रमुख त्योंहारों में से एक शारदीय नवरात्रि आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी तक म...

महादेव एक ऐसे भगवान है जो अति शीघ्र प्रसन्न हो जाते है। पुराणों में शिव मानस पूजा नाम की एक स्तुति आती है, जिसका अर्थ शिवजी की मन से की गयी पूजा। इस स्तुति को आप घरसे ही पूजा करके शिवालय में की ...

श्रावण मास में भगवान शिव को बिल्व पत्र से पूजा करते ये पाठ करना चाहिए।।। बिल्वाष्टकम् ।।त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रयायुधम् ।त्रिजन्मपाप-संहारमेकबिल्वं शिवार्पणम्।।1।।त्रिशाखैर्बि...

॥ सिद्धकुञ्जिकास्तोत्रम् ॥शिव उवाचशृणु देवि प्रवक्ष्यामि, कुञ्जिकास्तोत्रमुत्तमम्।येन मन्त्रप्रभावेण चण्डीजापः शुभो भवेत्॥1॥न कवचं नार्गलास्तोत्रं कीलकं न रहस्यकम्।न सूक्तं नापि ध्यानं च न न...

Dattatreya was a mythological deity or sage. He was said to be an avadhoot, or complete renunciate, wandering naked in the world. He is usually represented with 3 heads as he is also said ...

दोहा : श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चौपाई : जय हनुमान ज्...

ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्।जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥१॥देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम्।रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाश...

दोहा :निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥चौपाई :जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥जैसे कूदि स...

शीतला सप्तमी (बसौड़ा पर्व) की पौराणिक कथा इस दिन शीतला माता का पूजन तथा कथा का वाचन किया जाता है। लोक किंवदंतियों के अनुसार बसौड़ा की पूजा माता शीतला को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। इस कथा के अनु...

अर्धनारीश्वर स्तोत्र श्रीमद् शंकराचार्य की रचना है, जिसमें उन्होंने शिवशक्ति के अर्धनारीश्वरस्वरूप का वर्णन करके शिवपार्वती को प्रणाम किया है। आठ श्लोकों का यह स्तोत्र इष्टसिद्धि करनेवाला ...

॥ हनुमानाष्टक ॥बाल समय रवि भक्षी लियो तब,तीनहुं लोक भयो अंधियारों।ताहि सों त्रास भयो जग को,यह संकट काहु सों जात न टारो।देवन आनि करी बिनती तब,छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो।को नहीं जानत है जग में कपि,संकटम...

The Vedas are considered the earliest literary record of Indo-Aryan civilization and the most sacred books of India. They are the original scriptures of Hindu teachings, containing spiritual knowledge...

होली रंगों का त्योहार है। यह प्रायः पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है। प्रकृति भी एक तरह से इस त्योहार में सम्मिलित होती है। चारों ओर रंग बिरंगे फूल बिखेर कर बसंत ऋतु खुशियां लुटाती है। यह त...

भगवान विष्णु की पूजा माता तुलसी के बिना अधूरी मानी जाती है और कहा जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग भी नहीं चखते हैं। क्यों सृष्टि के पालनहारी तुलसी के पौधे को इतना मानते है?प्राचीन ...

Somnath Jyotirlinga (prabhas-patan, saurastra : Gujarat):Among twelve Jyotirlinga, there comes the Somnath first.Prajapati Daksh had done marr...

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय,नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वर...