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॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय,नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वर...

नमः शिवाभ्यां नवयौवनाभ्यांपरस्पराश्लिष्टवपुर्धराभ्याम् ।नगेन्द्रकन्यावृषकेतनाभ्यांनमो नमः शङ्करपार्वतीभ्याम् ॥ 1 ॥नमः शिवाभ्यां सरसोत्सवाभ्यांनमस्कृताभीष्टवरप्रदाभ्याम् ।नारायणेनार्चितपादुकाभ्यांनमो न...

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।त्रिगुण रूप...

यूं तो रक्षाबंधन की कई कथाएं हैं लेकिन हम यहां कुछ चर्चित कथाएं दे रहे हैं। इनमें से पहली कथा का धार्मिक महत्व है, जिसे पूजन के साथ कहा जाता है। बाकी की कथाएं भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक इस अनोखे त्योह...

Karma is the law of cause and effect – an unbreakable law of the cosmos. Your actions create your future. The reason your fate is never sealed is because you have free will. Therefore your future cann...

Kumbh derives its name from the immortal Pot of Nectar, which the Demigods (Devtas) and Demons (Asuras) fought over, described in ancient Vedic scriptures known as the Puranas. It is these Vedic liter...

एक बार पार्वती ने भगवान शिवशंकर से पूछा, 'ऐसा कौन सा श्रेष्ठ तथा सरल व्रत-पूजन है, जिससे मृत्यु लोक के प्राणी आपकी कृपा सहज ही प्राप्त कर लेते हैं?'उत्तर में शिवजी ने पार्वती को 'शिवरात्रि...

॥ अथ सप्तश्लोकी दुर्गा ॥॥ शिव उवाच ॥देवि त्वं भक्तसुलभेसर्वकार्यविधायिनी।कलौ हि कार्यसिद्ध्यर्थमुपायंब्रूहि यत्नतः॥॥ देव्युवाच ॥श्रृणु देव प्रवक्ष्यामिकलौ सर्वेष्टसाधनम्।मया तवैव स्नेहेनाप्यम्बास्तुति...

शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥१॥यस्य द्विरदवक्त्राद्याः पारिषद्याः परः शतम् ।विघ्नं निघ्नन...

Yes it is 100 % true!!Pick up India's Radio Activity Map, you will be surprised! Apart from the nuclear reactor of the government of India, the highest radiation is found in the places of all Jyotirli...

॥ महालक्ष्म्यष्टकम् ॥नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥1॥नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि।सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते॥2॥सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्ट...

एक समय की बात है, जब पुरानी पुरानी कथाओं में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का जबरदस्त महत्व था। यह महोत्सव पुराने समय से ही चला आ रहा है और हर साल उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है।कहानी के अनुसार, भगवान ...

श्राद्ध क्या है? ऐसा कहा जाता है के वर्ष के इस समय हमारे पितृ हमारे पास आते है और हम उनकी पूजा अर्चना और भोग लगाकर उनके आशीर्वाद पा सकते है।कहा जाता है की जो परिवार सुखी सुखी अपना जीवन व्य...

आप सब जानते है की हाल की स्थिति में COVID-19 की कोई दवाई उपलब्ध नहीं है ऐसी परिस्थिति में अपने और अपने परिवार की रक्षा हेतु आयुर्वेद का सहारा लेना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। आयुर्वेद न ही सिर्फ रोग को...

॥ श्रीदुर्गासप्तशती - चतुर्थोऽध्यायः ॥इन्द्रादि देवताओं द्वारा देवी की स्तुति॥ ध्यानम् ॥ॐ कालाभ्राभां कटाक्षैररिकुलभयदां मौलिबद्धेन्दुरेखांशड्खं चक्रं कृपाणं त्रिशिखमपि करैरुद्वहन्तीं त्रिनेत्राम्।सिं...

दुर्गा दुर्गार्तिशमनी दुर्गापद्विनिवारिणी।दुर्गमच्छेदिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी ॥दुर्गतोद्धारिणी दुर्गानिहन्त्री दुर्गमापहा।दुर्गमज्ञानदा दुर्गदैत्यलोकदवानला॥दुर्गमा दुर्गमालोका...

॥ अथ तन्त्रोक्तं देवीसूक्तम् ॥नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः।नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम्॥1॥रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः।ज्योत्स्नायै चेन्दुरुपिण्यै स...

॥ श्री भवान्यष्टकम् ॥न तातो न माता न बन्धुर्न दातान पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता।न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैवगतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥1॥भवाब्धावपारे महादुःखभीरुःपपात प्रकामी...

॥ अथ नवग्रह स्तोत्रम् ॥॥ श्री गणेशाय नमः ॥जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महदद्युतिम् ।तमोरिंसर्वपापघ्नं प्रणतोSस्मि दिवाकरम् ॥ १ ॥दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णव संभवम् ।नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुट ...

भगवान काल भैरव की अराधना करने के लिए इस काल भैरव अष्टकम (Kaal Bhairav Ashtakam) का जाप भक्तों के द्वारा किया जाता है| काल भैरव जी को भगवान शिव का अवतार ...

नर्मदा नदी केवल एक नदी नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है, इस अष्टकम में उल्लेख किया गया है कि हम केवल अमरता की ध्वनि सुन सकते हैं, जो नदी-काय के रूप में बह रही है, जो शंकर की जटाओं से निकलकर नद...

॥ आदित्य हृदय स्तोत्रम् ॥विनियोगॐ अस्य आदित्यहृदय स्तोत्रस्यअगस्त्यऋषिः अनुष्टुप्छन्दः आदित्यहृदयभूतो।भगवान् ब्रह्मा देवता निरस्ताशेषविघ्नतयाब्रह्माविद्यासिद्धौ सर्वत्र जयसिद्धौ च विनियोगः॥ततो युद्धपर...